मंगलवार
2. दया कर दान विद्या का
दया कर दान विद्या का, हमें परमात्मा देना,
दया करना हमारी आत्मा में, शुद्धता देना ।
हमारे ध्यान में आओ, प्रभु आँखों में बस जाओ,
अँधेरे दिल में आकर के, प्रभु ज्योति जगा देना ।
बहा दो प्रेम की गंगा, दिलों में प्रेम का सागर,
हमें आपस में मिल-जुल के, प्रभु रहना सीखा देना ।