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प्रार्थना सभा

बेसिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश

1. वह शक्ति हमें दो दयानिधे

वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें।
पर सेवा पर उपकार में हम, जग जीवन सफल बना जावें।
हम दीन दुखी निबलों विकलों के सेवक बन संताप हरे।
जो हैं अटके भूले भटके, उनको तारें खुद तर जावें।
छल दम्भ द्वेष पाखण्ड झूठ- अन्याय से निशि दिन दूर रहे।
जीवन हो शुद्ध सरल अपना, सुचि प्रेम सुधारस बरसावें।
निज आन मान मर्यादा का, प्रभु ध्यान रहे अभिमान रहे।
जिस देश जाति में जन्म लिया, बलिदान उसी पर हो जावें।।
मंगलवार

2. दया कर दान विद्या का

दया कर दान विद्या का, हमें परमात्मा देना,
दया करना हमारी आत्मा में, शुद्धता देना ।

हमारे ध्यान में आओ, प्रभु आँखों में बस जाओ,
अँधेरे दिल में आकर के, प्रभु ज्योति जगा देना ।

बहा दो प्रेम की गंगा, दिलों में प्रेम का सागर,
हमें आपस में मिल-जुल के, प्रभु रहना सीखा देना ।

3. ऐ मालिक तेरे बंदे हम

ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम
नेकी पर चले और बदी से टले, ताकि हँसते हुये निकले दम
ये अंधेरा घना छा रहा, तेरा इन्सान घबरा रहा
हो रहा बेख़बर, कुछ ना आता नज़र, सुख का सूरज छुपा जा रहा
है तेरी रोशनी में वो दम, तो अमावस को कर दे पूनम
गुरुवार

4. सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु

सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु, करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु ।
शुद्ध भाव से तेरा ध्यान लगाएं हम, विद्या का वरदान तुम्हीं से पाए हम ।
तुम्ही से है आगाज़ तुम्हीं से अंजाम प्रभु, करते है हम शुरु आज का काम प्रभु ।
शुक्रवार

5. हर देश में तू, हर भेष में तू

हर देश में तू, हर भेष में तू, तेरे नाम अनेक तू एक ही है ।
तेरी रंगभूमि, यह विश्व भरा, सब खेल में, मेल में तू ही तो है ॥
सागर से उठा बादल बनके, बादल से फटा जल हो करके ।
फिर नहर बना नदियाँ गहरी, तेरे भिन्न प्रकार, तू एक ही है ॥

6. इतनी शक्ति हमें देना दाता

इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना
दूर अज्ञान के हो अँधेरे तू हमें ज्ञान की रौशनी दे
हर बुराई से बचके रहें हम जीतनी भी दे भली ज़िन्दगी दे